मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती 2018 में निकली थी और 2 वर्ष बाद भी नियुक्ति नहीं हो पाने के कारण चयनित अभ्यर्थियों के द्वारा महामहिम राज्यपाल के नाम से 18 अगस्त को कलेक्टर महोदय, अनूपपुर को ज्ञापन सौंपा गया ।
Report adarsh dubey
ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि प्रदेश स्तर पर सभी चयनित अभ्यर्थी मानसिक रूप से अत्यधिक तनाव में और प्रताड़ित हैं। पूरे प्रदेश में लगभग 30,000 पात्र अभ्यर्थी हैं जो नियुक्ति के लिए लंबे समय से इंतजार में है । पिछले 5 महीनों में प्राइवेट शिक्षण संस्थानों के बंद होने से इनकी आर्थिक स्थिति भी बहुत दयनीय हो गई है । पिछले कुछ महीनों से सभी चयनित अभ्यर्थियों ने ट्विटर तथा अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार का ध्यान खींचना चाहा लेकिन निराशा ही हाथ लगी । अभ्यर्थियों ने मध्य प्रदेश के लगभग सभी कलेक्टर, विधायकों एवं सांसदों को कुछ दिनों पूर्व ज्ञापन देकर मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन अभी तक शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री की तरफ से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। अंत में अब प्रदेश के सभी चयनित अभ्यर्थियों ने कुंठित होकर राज्यपाल के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन दिया है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि या तो सरकार उन्हें नियुक्ति दे दे या फिर जहर दे दे।

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