चचाई दीनदयाल रसोई में समाजसेवियों ने संभाली मजदूरों की पेट भरने की कमान
रिपोर्ट आदर्श दुबे

अनूपपुर के चचाई में बस स्टैंड के पास एक माह से संचालित पण्डित दीनदयाल रसोई द्वारा निराश्रित असहाय रोज कमाने खाने वाले परिवार और अनूपपुर से गुजरकर अपने घर तक जाने वाले दिहाड़ी मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा हैं जहाँ पण्डित दीनदयाल रसोई चचाई संस्था से जुड़े हुए व्यक्तियों द्वारा सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए प्रतिदिन लगभग एक हजार जरूरतमंद लोगो को भोजन वितरण कर रहे है, जिसकी प्रशंसा सुनकर नगर के वरिष्ठ लोग यहां पहुंचे और पण्डित दीनदयाल रसोई चचाई की कार्य प्रणाली देख कार्यकर्ताओं की सराहना किए। वही पैदल चलकर अपने घर की ओर जाने वाले राहगीर भी इस बात की पुष्टि करते है कि इतने लंबे सफर के बाद पण्डित दीनदयाल रसोई चचाई ने हमारी भूख मिटाई हैं और शासन-प्रशासन से बेहतर तो पण्डित दीनदयाल रसोई संस्था से जुड़े हुए गांव और शहर के वह लोग है, जो तपती धूप में पैदल चल रहे मजदूरों को भोजन पानी पहुंचा रहे हैं।
रिपोर्ट आदर्श दुबे

अनूपपुर के चचाई में बस स्टैंड के पास एक माह से संचालित पण्डित दीनदयाल रसोई द्वारा निराश्रित असहाय रोज कमाने खाने वाले परिवार और अनूपपुर से गुजरकर अपने घर तक जाने वाले दिहाड़ी मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा हैं जहाँ पण्डित दीनदयाल रसोई चचाई संस्था से जुड़े हुए व्यक्तियों द्वारा सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए प्रतिदिन लगभग एक हजार जरूरतमंद लोगो को भोजन वितरण कर रहे है, जिसकी प्रशंसा सुनकर नगर के वरिष्ठ लोग यहां पहुंचे और पण्डित दीनदयाल रसोई चचाई की कार्य प्रणाली देख कार्यकर्ताओं की सराहना किए। वही पैदल चलकर अपने घर की ओर जाने वाले राहगीर भी इस बात की पुष्टि करते है कि इतने लंबे सफर के बाद पण्डित दीनदयाल रसोई चचाई ने हमारी भूख मिटाई हैं और शासन-प्रशासन से बेहतर तो पण्डित दीनदयाल रसोई संस्था से जुड़े हुए गांव और शहर के वह लोग है, जो तपती धूप में पैदल चल रहे मजदूरों को भोजन पानी पहुंचा रहे हैं।


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