Sunday, 26 July 2020

श्री राम के ननिहाल की मिट्टी को लेकर अयोध्या निकले रामभक्त मोहम्मद फैज । नाना के घर से भाँचा भेंट देने निकल पड़े पैदल 800 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचेंगे अयोध्या

रिपोर्ट आदर्श दुबे अनूपपुर
9993888114


मुस्लिम होकर गहरी रामभक्ति की अनूठी मिसाल कायम कर रहे मोहम्मद फैज। मोहम्मद  फैज रायपुर से श्री राम के ननिहाल गांव चंद्र खुरी से मिट्टी लेकर अयोध्या के लिए निकले है रामभक्त फैज पहुंचे अनूपपुर जहां हमारी मुलाकात उनसे हुई ।

हर धर्म की इज्जत और सम्मान पर सनातन धर्म सबसे बड़ा है मेरे लिए मोहम्मद फैज

हमारे देश मे सनातन धर्म मानने बालो की कमी नही है चाहे वह धर्म से मुस्लिम ही क्यों ना हो , इन्ही मैं से एक रामभक्त है मोहम्मद फैज जो रायपुर से मिट्टी ले कर पैदल अयोध्या के लिए निकले हैं वह रविवार देर रात अनूपपुर पहुंचे,जहां कुछ लोगों ने उनसे मुलाकात की और उनके विचार जाने फैज ने शोसल मीडिया में उठते विरोध के स्वरों  पर कहा कि यह देश के लोगो का विरोध नही है,कुछ पाकिस्तानी फेक id बना कर इस तरह से अफवाह फैला रहे है, रामभक्त का कोई विरोध नही करता मैं इतना पैदल चलता हूं,और यात्रा में सभी रामभक्त मुझे मिलते हैं गले से लगाते है,भगवान राम का छत्तीसगढ़ से नाता है माता कौशल्या छत्तीसगढ़ से हैं और आज भांजे के घर मे कुछ हो रहा है तो मैं भेंट स्वरूप मिट्टी ले कर जा रहा हूँ।

मंदिर बनने की खुशी और उत्शाह में फैज निकल पड़े भांचा भेंट लेकर 

 800 किलोमीटर की पैदल यात्रा को पूर्ण कर मोहम्मद फैज रायपुर से अयोध्या पहुंच 5 अगस्त तक पहुंचने का संकल्प लेकर निकल गए ,राम जी के ननिहाल चंद्र खुरी गांव यह जगह है जहां माता कौशल्या का जन्म हुआ और यहां उनका मंदिर भी है  रामायण अनुसार छतीशगढ़ को प्राचीन समय में दक्षिण कौशल के नाम से जाना जाता था और कौशल्या का माएका यह चंद्र खुरी गांव था फैज यहां की पवित्र  मिट्टी लेकर निकले हैं मोहम्मद फैज की इस भक्ति को लोगों में अचरज है कि एक मुस्लिम होकर हिन्दू धर्म का इतना बड़ा अनुयायी क्यों फैज का कहना है कि हम यदि भारत के निवाशी है तो यहां के सबसे पुराने सनातनी हिन्दू धर्म का अनुयायी हमें होना चाहिए

मोहम्मद फैज अपने धर्म के प्रति भी उतनी ही आस्था रखते है पर जब 5 तारिख को मंदिर का शिलान्यासः रखा जा रहा तो यैसे मैं नानी के घर से कोई ना पहुंचे कैसे हो सकता है दूर दूर से विभिन्न नदियों का पानी  विभिन्न सामग्रियां अयोध्या लेकर लोग पहुंच रहे तो मोहम्मद फैज छतीसगढ़ी भाषा में भाँचा भेंट स्वरूप माता कौशल्या के जन्म स्थान दक्षिण कौशल के चंद्र खुरी गांव की मिट्टी लेकर अयोध्या पैदल जा रहे।

रिपोर्ट आदर्श दुबे

No comments:

Post a Comment