Wednesday, 13 May 2020

मानवता को शर्मसार करती छत्तीसगढ़ सरकार,हांथ जोड़कर जिंदगी के लिए विनती मांगता रहा केशव मिश्रा ,मौत की जिम्मेदार छत्तीसगढ़ सरकार,बॉडर से नही जाने दिया अस्पताल,बुजुर्ग की हुई मौत
रिपोर्ट आदर्श दुबे
   

केशव मिश्रा की मौत की जिम्मेदार छत्तीसगढ़ सरकार,बॉडर से नही जाने दिया अस्पताल,बुजुर्ग की हुई मौत

अनुपपुर/,  मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के बॉर्डर घुटरीटोला पर आज 12 मई को उमरिया जिले के भरेवाँ थाना के निवासी राकेश मिश्रा व निलेश मिश्रा माता पर्वती मिश्रा जो अपने पति केशव प्रसाद मिश्रा को ई-पास जनरेट होने के उपरांत अपने वाहन क्रमांक एमपी 54 C- 0506 के माध्यम से उमरिया से बिलासपुर अपोलो हॉस्पिटल के लिए जा रहे थे जिन्हें घुटरीटोला बॉर्डर पर रोका गया वह तरह-तरह के सवाल भी किये गए जिसमें पुत्र राकेश मिश्रा व नीलेश मिश्रा द्वारा शासन द्वारा जारी ई-पास को भी बॉर्डर पर तैनात जवानों को दिखाया गया लेकिन बॉर्डर पर तैनात जवानों ने यह बोला कि हमें पास देखना नहीं आता आप इसकी प्रिंट निकाल कर लाए और कई तरह के सवाल किए।
देख लो छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल तुम ने एक बुजुर्ग की मौत करवा दी ,क्या छत्तीसगढ़ सरकार की मानवता मर गई जो एक बुजुर्ग को इलाज के अभाव में मार डाला,दरसल छत्तीसगढ़,सरकार के बॉडर पर तैनात जवान मध्यप्रदेश में ऑनलाइन जारी पास को मानने को तैयार नही होते और मरीजों तक को निकलने नही दिया जाता जिसका खामियाजा आज एक परिवार बॉडर पर भुगता और अपने परिवार के मुखिया को अपने नजरों के सामने इलाज के अभाव में मरता देखते रहे पर भूपेश बघेल के बॉडर पर तैनात जल्लाद को जरा भी शर्म नही आई और न ही दिल पसीजा जिसका खामियाजा एक परिवार भुगता,क्या भूपेश बघेल को मध्यप्रदेश के लोग जानवर नजर आते है हमारे यहां तो जानवरों तक को नजरों के सामने मरते हुए नही देखा जाता पर ये कैसी सरकार है जो एक इंसान को मारता हुआ देख कर और मरने के लिए अड़ंगा लगा कर जब तक मौत नही हो गई तब तक रोके रखा

*हॉस्पिटल जाने के लिए हाथ जोड़कर मृतक ने किया था निवेदन*

जिस पर वाहन में बैठे केशव प्रसाद मिश्रा द्वारा वाहन से उतर कर हाथ जोड़ते हुए बॉर्डर पर तैनात जवानों से हॉस्पिटल जाने की अनुमति भी मांगी गई लेकिन बॉर्डर पर तैनात जवानों द्वारा बुजुर्ग की बातों को नजर अंदाज करते हुए नहीं जाने दिया गया
वही उनके बेटे राकेश मिश्रा द्वारा बताया गया कि हम उमरिया से ई-पास लेकर बिलासपुर उपचार के लिए जा रहे थे लेकिन उन्हें बॉर्डर पर लगभग 1 से डेढ़ घंटे रोका गया और उपचार न मिलने के कारण पिता की बॉर्डर पर ही मौत हो गई।

*छत्तीसगढ़ कलेक्टर व एसडीएम द्वारा मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ जाने वाले सभी राहगीरों से किया जाता है सौतेला व्यवहार*

जिससे कि मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ उपचार हेतु जाने वाले मरीजों को भी आवागमन नहीं करने दिया जा रहा यहां तक कि छत्तीसगढ़ प्रशासन के कर्मचारी जो बॉर्डर पर तैनात है उनके द्वारा आवागमन कर रहे लोगों से अभद्रता भी की जाती है प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर से सूरजपुर जा रहे छात्रों के पास ई-पास होने के बावजूद भी बॉडर से जाने नहीं दिया गया था जिसमें की सभी छात्रों द्वारा वही पास में स्थित हनुमान मंदिर में रात्रि विश्राम किया गया था।

*ई पास के बावजूद पीड़ित को नही जाने दिया गया सेंट्रल हॉस्पिटल, आखिरकार मौत का जिम्मेदार कौन*

छत्तीसगढ़ बोर्डर घुटरीटोला में ग्राम भरेवा जिला उमरिया से पीड़ित केशव प्रसाद मिश्रा उम्र 75 साल को बिलासपुर के लिए निकले जिसमे पीडित की पत्नी श्रीमति पार्वती मिश्रा व उनके पुत्र नीलेश मिश्रा व राकेश मिश्रा को छत्तीसगढ़ बोर्डर घुटरीटोला में बैठे बॉडर प्रभारी राकेश शर्मा व कमांडेंट को ई-पास दिखाने के बावजूद नही जाने दिया गया वही तकलीफ बढ़ने से डॉ के परामर्श से सेंट्रल हॉस्पिटल दिखाने के लिए परिजनो को दिया गया था आश्वासन।

*बोर्डर प्रभारी राकेश शर्मा द्वारा पीड़ित परिजनों के साथ कि गई अभद्रता*

पीड़िता के बेटे निलेश मिश्रा व राकेश कुमार मिश्रा ने छत्तीसगढ़ घुटरीटोला बॉर्डर प्रभारी राकेश शर्मा एवं कमांडेंट के ऊपर आरोप लगाते हुए कहें कि जब ई-पास की जानकारी बॉडर पर तैनाथ जवानों को नहीं है तो फिर बॉडर क्यू बैठा दिया गया है ई-पास को दिखाने के बावजूद सेंट्रल हॉस्पिटल नही जाने देने से हुई है मेरे पिता की मृत्यु दोषियों के खिलाफ हो कार्यवाही।

*एस0डी0एम/आर0पी0चौहान ने किया बोर्डर में तैनात प्रभारी एवं कमांडेंट का बचाव*

एस0डी0एम/आर0पी0चौहान ने बोर्डर पर तैनात प्रभारी एवं कमांडेंट का बचाव करते हुए जानकारी दी कि पीड़ित परिवार के आने के बाद लगभग 5 या 7 मिनट बाद ही पीड़ित की मृत्यु होने गई है जानकारी अभी भी संदेह के घेरे में।

*ई-पास की पूरी प्रक्रिया के बाद बिलासपुर के लिए निकले थे पीड़ित*

जबकि ई-पास की पूरी प्रक्रिया करने के बाद पीड़ित के परिजन पीड़ित को लेकर बिलासपुर के लिए निकले थे और बोर्डर प्रभारी द्वारा ऎसी कौन सी प्रक्रिया की जा रही थी कि 2 घंटे लग गए और पीड़ित की जान चली गई ।

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