अनूपपुर: शांति समिति की बैठक में गरमाया मुद्दा; मुख्यमंत्री के आदेश ताक पर, खुले में मांस बिक्री से आक्रोश। नगर की नासूर बनी समस्याओं को उठाया गया ।
रिपोर्ट आदर्श दुबे
अनूपपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा प्रशासन नायक परिवार के घर के पास बीच बाजार सब्जी मंडी में सरेआम खुले में मांस बिक्री से भारी आक्रोश बना हुआ है।
अनूपपुर | नगर में कानून और व्यवस्था की स्थिति उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब शनिवार को कोतवाली परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक में खुले में मांस बिक्री का मुद्दा ज्वालामुखी की तरह फट पड़ा। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बावजूद अनूपपुर नगर पालिका और जिला प्रशासन की 'मूक स्वीकृति' ने शहर के सामाजिक और धार्मिक वातावरण को तनावपूर्ण बना दिया है।
विशिष्ट स्थानों पर अवैध मांस मीट बिक्री व्यापार का बोलबाला।
बैठक में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुरजोर तरीके से आरोप लगाया कि समीर नायक के घर के सामने सब्जी मंडी के बीचों बीच और शहर के कई मुख्य मार्गों पर ठेलों और टपरों में धड़ल्ले से मांस बेचा जा रहा है। यह न केवल स्वच्छता के मानकों का उल्लंघन है, बल्कि सीधे तौर पर नागरिकों की धार्मिक आस्था को ठेंगा दिखाने जैसा है। सालों से चले आ रहे इस मुद्दे पर प्रशासन की चुप्पी अब जनता के सब्र का बांध तोड़ रही है।
मस्जिद के गेट में ही मांस की बिक्री और ईदगाह के आस पास की दुकानों पर बढ़ा तनाव । ईदगाह के आस पास शराबियों का लगता है डेरा।
चर्चा के दौरान यह बात भी सामने आई कि मस्जिद के ठीक गेट पर और ईदगाह के संवेदनशील रास्तों पर मांस की दुकानें सजी रहती हैं। इन दुकानों को तत्काल नहीं हटाया जाए यह मुद्दा किसी भी समय बड़े (विवाद) का रूप ले सकता है। खुले में हो रही इस बिक्री को लेकर सभी वर्गों ने एक स्वर में विरोध दर्ज कराया और इसे हटाने की मांग का समर्थन किया।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
दिखावा या लाचारी? प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने शपथ ग्रहण के दूसरे ही दिन आदेश जारी किए खुले में मांस मीट बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित स्पष्ट आदेश के बाद भी नगर पालिका अमला सड़कों पर उतरकर कार्यवाही करने में क्यों हिचक रहा है?
नगर का सालों पुराना विवाद:
यह मुद्दा नया नहीं है, लेकिन जिला प्रशासन की ढुलमुल नीति के कारण अवैध मीट कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
समाजिक संगठनों द्वारा बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट: सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा।
एसडीएम की सख्त कार्यवाही का आदेश घोषणा औपचारिक या शख्त देखना होगा।
मामले की गंभीरता और बैठक में उपजे भारी जन-आक्रोश को देखते हुए एसडीएम ने आश्वस्त किया है कि दुकानों और अन्य ठेलों-टपरों पर जल्द ही बड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने माना कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रमुख निर्णय एवं चर्चा के बिंदु
त्योहारों की गरिमा: आगामी होली, धुलेंडी, रंग पंचमी, चैती चांद, ईद-उल-फितर और हनुमान जयंती को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने पर सहमति बनी।
होलिका दहन स्थल: यातायात और सुरक्षा को देखते हुए यह मांग रखी गई कि होलिका दहन सड़क पर न किया जाए, ताकि आवागमन बाधित न हो।
मांस बिक्री पर प्रतिबंध: * ईदगाह और मस्जिद के मुख्य द्वारों के पास संचालित मांसाहारी दुकानों को बंद करने की मांग की गई।
खुले में बिक रहे मीट और मुर्गे की दुकानों पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया।
बैठक में सभी वर्गों ने एक स्वर में खुले में मांस बिक्री को हटाने का समर्थन किया।
प्रशासनिक आश्वासन: एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आश्वस्त किया है कि इन दुकानों पर जल्द ही वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
संवाददाता टिप्पणी अनूपपुर प्रशासन के लिए यह अग्निपरीक्षा का समय है। क्या वह मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन करा पाएगा या फिर चंद अवैध मीट मुर्गे दुकानदारों के सामने नतमस्तक रहेगा?

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