Sunday, 10 May 2026

जंगली हाथियों के आतंक पर अनुसूचित जन जाति आयोग अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।

जंगली हाथियों के आतंक पर अनुसूचित जन जाति आयोग अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र। 

रिपोर्ट आदर्श दुबे 8770125570


अनूपपुर/भोपाल। मध्य प्रदेश अनुसूचित जन जाति आयोग अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने  प्रदेश में जंगली हाथियों के बढ़ते आतंक और उससे हो रहे जान-माल के नुकसान को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इस संबंध में उन्होंने एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) को पत्र लिखकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

हाथियों के विचरण से बढ़ रहा खतरा

अपने पत्र में श्री रौतेल ने उल्लेख किया है कि , अनूपपुर जिले सहित आसपास के जनजातीय क्षेत्रों में जंगली हाथियों का दल लगातार सक्रिय है। हाथियों के विचरण से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, ग्रामीणों के मकानों को नुकसान पहुंच रहा है और कई स्थानों पर जनहानि की घटनाएं भी सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के कारण ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया है तथा लोग रातभर जागकर अपने परिवार और खेतों की सुरक्षा करने को मजबूर हैं।

24 घंटे निगरानी और त्वरित मुआवजे की मांग

आयोग अध्यक्ष ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग करते हुए कहा है कि हाथियों की गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए। साथ ही, आधुनिक तकनीकों और संसाधनों का उपयोग कर हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने के प्रभावी प्रयास किए जाएं।

उन्होंने यह भी मांग की कि जिन किसानों और ग्रामीणों को हाथियों के कारण नुकसान हुआ है, उन्हें शासन के नियमानुसार तत्काल और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।

विशेष कार्ययोजना बनाने पर जोर

श्री रौतेल ने अपने पत्र में वन विभाग और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे मानव और जंगली जानवरों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम किया जा सके और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

उन्होंने कहा कि जनजातीय अंचलों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए और इस दिशा में त्वरित एवं ठोस कदम उठाना आवश्यक है।

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